चले बसंती हवा सनन सनन देखो पक्षी है मस्ती मे मगन, चले बसंती हवा सनन सनन देखो पक्षी है मस्ती मे मगन,
कुछ एहसास बस आ जाते हैं और बयान नही हो पाते! कुछ एहसास बस आ जाते हैं और बयान नही हो पाते!
घर में घर में
मध्यांतर में मध्यांतर में
शीशे में शीशे में
क्या रिश्ता उससे मेरा है क्यूँ याद आती हर पल उसकी थम जाता दिल मेरा हैहर बातों में याद उसकी सुख दुःख ... क्या रिश्ता उससे मेरा है क्यूँ याद आती हर पल उसकी थम जाता दिल मेरा हैहर बातों मे...